नई दिल्ली ,17 अप्रैल (अशोक “अश्क “) महिला आरक्षण को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच गुरप्रीत कौर ने बड़ा बयान देते हुए इस कदम का जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं के हक में एक ऐतिहासिक फैसला है, जिससे राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ेगी और उनकी आवाज को मजबूती मिलेगी।पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर ने कहा कि अब तक महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी हैं, लेकिन राजनीति में उनकी हिस्सेदारी सीमित थी।

इस आरक्षण के लागू होने से यह कमी दूर होगी और महिलाओं को बराबरी का मंच मिलेगा।उन्होंने कहा, “यह एक अच्छा बिल है, जिसका सभी को इंतजार था। अब महिलाएं न सिर्फ आगे आएंगी, बल्कि उनकी बात भी सुनी जाएगी।” गुरप्रीत कौर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पंजाब में महिलाएं तेजी से राजनीति में सक्रिय हो रही हैं चाहे सरपंच पद हो, नगर निगम या मेयर का दायित्व। उन्होंने आम आदमी पार्टी का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी ने 11 महिलाओं को टिकट दिया और सभी जीतकर विधायक बनी।

यह महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और राजनीतिक जागरूकता का संकेत है। गुरप्रीत कौर ने यह भी कहा कि किसी भी क्षेत्र में असमानता होने पर संतुलन बिगड़ जाता है और महिलाओं की आवाज दब जाती है। महिला आरक्षण से यह संतुलन स्थापित होगा और निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी। हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने जहां महिला आरक्षण का समर्थन किया है, वहीं परिसीमन प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने बिना जनगणना के परिसीमन को “बड़ी साजिश” करार देते हुए इसका विरोध किया है। इसी बीच, जब गुरप्रीत कौर से उनके चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल उनका उद्देश्य सेवा और पार्टी का प्रचार करना है। उन्होंने कहा, “जहां भी जिम्मेदारी मिलेगी, मैं उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगी।”

















