नई दिल्ली, 16 अप्रैल (अशोक “अश्क”) अगर आप रोजाना फल खाते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने फलों को खतरनाक केमिकल से पकाने के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए देशभर में कड़ी निगरानी के निर्देश जारी किए हैं। 16 अप्रैल 2026 को जारी आदेश में FSSAI ने साफ कर दिया है कि कैल्शियम कार्बाइड जैसे जहरीले रसायनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।

आम, केला और पपीता जैसे फलों को जल्दी पकाने के लिए कुछ व्यापारी इस केमिकल का इस्तेमाल करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इससे उल्टी, त्वचा रोग और निगलने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। संस्था ने यह भी स्पष्ट किया है कि फलों को पकाने का केवल एक सुरक्षित और मान्य तरीका है एथिलीन गैस का नियंत्रित उपयोग। इसके अलावा एथिफॉन जैसे रसायनों के घोल में फलों को डुबोकर पकाने की प्रक्रिया पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

FSSAI ने सभी राज्यों के फूड सेफ्टी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों, गोदामों और थोक बाजारों में नियमित जांच अभियान चलाएं। जहां भी संदेह हो, वहां तुरंत छापेमारी कर सैंपल की जांच की जाए। प्रतिबंधित केमिकल मिलने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जांच प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए अब विशेष टेस्ट पेपर का उपयोग किया जाएगा, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि फल प्राकृतिक रूप से पके हैं या रसायनों की मदद से।

FSSAI का यह कदम उपभोक्ताओं की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूक उपभोक्ता ही इस अभियान को सफल बना सकते हैं, इसलिए फल खरीदते समय गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

















