पटना, 13 अप्रैल (सेंट्रल डेस्क) भागलपुर-मुंगेर के बीच गंगा किनारे बनने वाले बहुप्रतीक्षित मरीन ड्राइव को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। करीब 9998 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 90.08 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर अब काम तेज होता दिख रहा है। भागलपुर से मुंगेर तक प्रस्तावित इस गंगा पथ के लिए प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं। सबौर घोषपुर और कोयला घाट के आसपास मशीनरी लगाकर मिट्टी की जांच की जा रही है।

चयनित एजेंसी द्वारा एलाइनमेंट पर विभिन्न स्थानों पर भू-स्थल परीक्षण किया जा रहा है, जिससे निर्माण की दिशा और तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जा सके। बताया गया है कि एजेंसी को 180 दिनों की बिड वैलिडिटी मिली है, जिसके तहत उन्हें फाइनेंशियल असेसमेंट रिपोर्ट बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपनी होगी। इसके बाद ही परियोजना की ‘अप्वाइंटमेंट डेट’ तय होगी और फाइनेंशियल क्लोजिंग के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। फिलहाल फॉरेस्ट क्लीयरेंस और अन्य जरूरी एनओसी की प्रक्रिया भी जारी है।

हाल ही में 11 अप्रैल को एलाइनमेंट का हवाई सर्वेक्षण भी किया गया, जिसमें कुछ बदलाव की संभावना जताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य मुंगेर की ओर से शुरू होने की उम्मीद है, हालांकि अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा। यह मेगा परियोजना दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में अजगैबीनाथ धाम तक 42 किलोमीटर गंगा पथ बनेगा, जिस पर 5119 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दूसरे चरण में वहां से भागलपुर होते हुए सबौर तक 48.08 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी, जिसकी लागत 4849 करोड़ रुपये होगी। इस मरीन ड्राइव के बन जाने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी नई रफ्तार मिलेगी।














