पटना, 31 मार्च (अविनाश कुमार) पूर्व मध्य रेलवे ने ट्रेनों के बढ़ते दबाव से जूझ रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इंजीनियरिंग विभाग ने डीडीयू बाईपास लाइन को मजबूत बनाने के लिए नई ब्रॉड गेज रेल लाइन निर्माण का ई-टेंडर जारी कर दिया है, जिससे रेल संचालन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।यह नई लाइन डीडीयू-दानापुर रेलखंड के ईस्ट आउटर केबिन से डीडीयू-गया लाइन के फ्लाईओवर केबिन तक बनाई जाएगी।

करीब 2.666 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 11.58 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लाइन के शुरू होते ही मालगाड़ियों को अब मुख्य यार्ड में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे जंक्शन पर दबाव काफी कम हो जाएगा।इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा बक्सर के चौसा स्थित थर्मल पावर प्लांट को मिलेगा। अब धनबाद और गया की ओर से आने वाली कोयला लदी मालगाड़ियां सीधे बाईपास से प्लांट तक पहुंच सकेंगी। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि इंजन रिवर्सल की समस्या भी खत्म हो जाएगी।रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, डीडीयू जंक्शन पर रोजाना करीब 175 यात्री ट्रेनें और 150 मालगाड़ियों का संचालन होता है। ऐसे में यह नई लाइन एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगी और आपात स्थिति में ट्रेनों को आसानी से डायवर्ट किया जा सकेगा।इस परियोजना से सासाराम, गया, जहानाबाद और आरा जैसे क्षेत्रों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। भविष्य में लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे शाहाबाद और मगध क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।गौरतलब है कि बक्सर ताप बिजली घर 1320 मेगावाट की बड़ी परियोजना है, जिसका उद्घाटन नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जा चुका है। यहां रोजाना भारी मात्रा में कोयले की जरूरत होती है।रेलवे का यह मेगा बाईपास प्लान न केवल ट्रैफिक जाम कम करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को भी नई रफ्तार देने वाला साबित हो सकता है।

















