नई दिल्ली, 05 मई (अशोक “अश्क”) पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ईरान ने अलग-अलग इलाकों में चार मिसाइल हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि तीन मिसाइलों को समय रहते इंटरसेप्ट कर लिया गया, जबकि एक समुद्र में गिर गई। मंत्रालय ने नागरिकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील करते हुए संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। इस बीच, ईरान ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने जास्क बंदरगाह की दिशा से होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे एक अमेरिकी युद्धपोत पर दो मिसाइलें दागीं। ईरानी सूत्रों के अनुसार, हमले में एक जहाज को निशाना बनाया गया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इस दावे के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता और बढ़ गई है। तनाव को और बढ़ाते हुए ईरान की एकीकृत सैन्य कमान ने व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के समन्वय के बिना होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश न करें। कमान प्रमुख अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी है कि किसी भी विदेशी सैन्य बल, खासकर अमेरिकी सेना की मौजूदगी को सीधा खतरा माना जाएगा और उस पर हमला किया जाएगा।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता सरदार हुसैन मोहिबी ने भी आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि देश के पास जवाब देने के सभी साधन मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, सरकारी प्रसारक आईआरआइबी ने अमेरिका की ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ पहल को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “बड़बड़ाहट” करार देते हुए खारिज कर दिया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने इस घटनाक्रम को युद्धविराम का खुला उल्लंघन बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल आपूर्ति गुजरती है, वहां बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात काबू में नहीं आए, तो यह टकराव बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।

















