दरभंगा, 31 मार्च (अजय यादव) मिथिला क्षेत्र के लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में अगले सत्र से मैथिली भाषा को शामिल किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे अब मैथिली माध्यम से पढ़े छात्र भी देशभर के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना पूरा कर सकेंगे।यह जानकारी डॉ. गोपालजी ठाकुर ने दी।

उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने संसद भवन में केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात कर विस्तार से चर्चा की और जल्द कार्रवाई का आग्रह किया।सांसद के अनुसार, सरकार मैथिली भाषी क्षेत्रों में कक्षा 6 से 10 तक की पढ़ाई मैथिली भाषा में शुरू करने और संबंधित पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है। इससे क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों को अपनी मातृभाषा में शिक्षा का अवसर मिलेगा।डॉ. गोपालजी ठाकुर ने इसके लिए नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और धर्मेन्द्र प्रधान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मैथिली को CTET में शामिल करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी, जिसे अब गति मिली है।इसके साथ ही बैठक में कौशल विकास योजनाओं—मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और अप्रेंटिसशिप—में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ मैथिली भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।















