पटना, 13 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार के मगध क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बहुप्रतीक्षित औरंगाबाद-बिहटा रेल परियोजना अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने जा रही है। विजय कुमार सिन्हा ने इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि परियोजना को 3606.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है और अगले दो वर्षों में इस रूट पर ट्रेनें दौड़ने की उम्मीद है। करीब 117 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन औरंगाबाद से बिहटा तक जाएगी, जिसके लिए 500 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।

इस रूट पर 13 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे आम लोगों को पटना तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है और अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में औरंगाबाद से अनुग्रह नारायण रोड तक 14 किलोमीटर रेल ट्रैक बिछाने का काम अगले 2-3 महीनों में शुरू होने की संभावना है। पूरी परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले औरंगाबाद से अनुग्रह नारायण रोड, दूसरे में अरवल क्षेत्र और तीसरे चरण में बिहटा तक। इस रेल लाइन के शुरू होने से पालीगंज, बिक्रम, अरवल, ओबरा और औरंगाबाद जैसे क्षेत्रों के करीब 75 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।

वर्तमान में पटना और औरंगाबाद के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी नहीं है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। औरंगाबाद जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने बताया कि जमीन अधिग्रहण का कार्य तेजी से चल रहा है और इसकी मॉनिटरिंग खुद उनके स्तर से की जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि उद्योग, शिक्षा और व्यापार को भी नई गति मिलेगी, जिससे पूरे क्षेत्र के विकास को बड़ा बल मिलेगा।
















