पटना, 08 नवंबर (पटना डेस्क) बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस प्रशासन के ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार करीब सात साल पहले बंद की गई जोनल पुलिस व्यवस्था को दोबारा लागू करने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत बिहार की 12 पुलिस रेंज को चार बड़े जोन में बांटा जाएगा। सरकार के इस फैसले से पुलिस प्रशासन में व्यापक बदलाव के साथ अपराध नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, राज्य में पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर को चार प्रमुख पुलिस जोन बनाया जाएगा। प्रत्येक जोन के अधीन तीन-तीन पुलिस रेंज काम करेंगी। इससे अलग-अलग रेंज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और प्रशासनिक निर्णय लेने में तेजी आएगी।

साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उच्चस्तरीय निगरानी भी आसान होगी।इस व्यवस्था को जमीन पर उतारने के लिए गृह विभाग ने 20 नए पदों के सृजन की तैयारी की है। इनमें चार डीआईजी और चार एसपी स्तर के पद शामिल हैं। प्रत्येक जोन का नेतृत्व आईजी स्तर के अधिकारी करेंगे, जबकि डीआईजी स्तर के अधिकारी उन्हें प्रशासनिक और संचालन संबंधी कार्यों में सहयोग देंगे। इसके अतिरिक्त बेगूसराय में नया डीआईजी कार्यालय भी खोला जाएगा। गौरतलब है कि बिहार में जोनल पुलिस व्यवस्था लगभग सात वर्ष पहले समाप्त कर दी गई थी। अब इसे पुनर्जीवित करने का उद्देश्य पुलिस मुख्यालय और क्षेत्रीय इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल कायम करना है।

सरकार के अनुमान के मुताबिक, नई व्यवस्था के संचालन पर प्रतिवर्ष लगभग 3.46 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस बदलाव से पुलिस की जवाबदेही बढ़ाने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने और आम लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।















