पटना, 27 जून (अविनाश कुमार) बिहार की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह मुख्यमंत्री एवं जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार से उनके 7, सर्कुलर रोड स्थित आवास पर मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह की जदयू में संभावित वापसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि पार्टी या आरसीपी सिंह की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर नीतीश कुमार के साथ हुई सौहार्दपूर्ण बातचीत की जानकारी देते हुए दोनों की एक तस्वीर भी साझा की।

हालांकि, कुछ ही देर बाद उनके कुछ समर्थकों ने दावा किया कि दोनों नेताओं के बीच मुलाकात नहीं हो सकी। समर्थकों ने आरोप लगाया कि विधान परिषद सदस्य संजय गांधी और ललन सर्राफ ने मुलाकात नहीं होने दी। इस दौरान समर्थकों ने दोनों नेताओं के खिलाफ नारेबाजी भी की। हालांकि, इन दावों पर आरसीपी सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।आरसीपी सिंह कभी नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। बिहार कैडर के 1984 बैच के आईएएस अधिकारी रहे आरसीपी सिंह ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद जदयू का दामन थामा और संगठन में तेजी से अहम जिम्मेदारियां संभालीं। उन्हें राज्यसभा भेजा गया और बाद में पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया गया।

वर्ष 2021 में वे केंद्रीय इस्पात मंत्री बने, लेकिन 2022 में राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी से मतभेद बढ़ गए और उन्होंने जदयू से इस्तीफा देकर अपनी राजनीतिक पार्टी ‘आप सबकी आवाज’ (एएसए) का गठन किया। हाल के महीनों में आरसीपी सिंह कई सार्वजनिक मंचों से नीतीश कुमार के प्रति सम्मान और व्यक्तिगत संबंधों का जिक्र करते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ताजा मुलाकात ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं को बल दिया है। हालांकि, जदयू नेतृत्व अब भी उनकी वापसी पर कोई स्पष्ट संकेत देने से बच रहा है।

















