मुजफ्फरपुर, 13 जुलाई (संतोष गुप्ता) मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को मुजफ्फरपुर को विकास की नई उड़ान देने वाले कई बड़े ऐलान कर जिले को ऐतिहासिक सौगात दी। सिकंदरपुर लेक फ्रंट (मरीन ड्राइव) का उद्घाटन करने के बाद एमआईटी मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बिहार के पहले आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग संस्थान की स्थापना की घोषणा की। यह संस्थान एमआईटी परिसर में स्थापित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अगले 10 दिनों के भीतर वह फिर मुजफ्फरपुर आएंगे और पताही एयरपोर्ट निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास करेंगे।मुख्यमंत्री ने शहर में विकसित होने वाली नई टाउनशिप का नाम तिरहुत टाउनशिप रखने की घोषणा भी की।

उन्होंने अपने दौरे के दौरान 1047 करोड़ रुपये की लागत वाली 981 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री, बिहार सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री, कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।अपने संबोधन की शुरुआत बाबा गरीबनाथ को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर संतों, महापुरुषों और क्रांतिकारियों की ऐतिहासिक धरती है। भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की इस कर्मभूमि की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि बिहार में आधुनिक शहरी विकास के तहत 12 नए टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें मुजफ्फरपुर की नई बसावट को तिरहुत टाउनशिप के नाम से जाना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एमआईटी परिसर में बनने वाला नया संस्थान राज्य के युवाओं को उच्च तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराएगा और आधारभूत संरचना के विकास के लिए दक्ष इंजीनियर तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि पताही एयरपोर्ट उत्तर बिहार की वर्षों पुरानी मांग रही है और इसके निर्माण से व्यापार, उद्योग तथा पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी। सम्राट चौधरी ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में मुजफ्फरपुर को रैपिड रेल परियोजना से जोड़ा जाएगा। इसके शुरू होने के बाद पटना तक की करीब दो घंटे की यात्रा महज 40 मिनट में पूरी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद सड़क, पुल-पुलिया, एक्सप्रेस-वे और बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में व्यापक काम हुए हैं। आने वाले समय में मुजफ्फरपुर शिक्षा, परिवहन, आधारभूत संरचना और शहरी विकास के क्षेत्र में उत्तर बिहार का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगा।













