बक्सर, 04 नवंबर (विक्रांत)। डुमरांव के चर्चित और करीब 102 वर्षीय पंडित कपिल देव त्रिपाठी उर्फ कपिल बाबा के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार की दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों, शुभचिंतकों और नागरिकों में शोक छा गया। अंतिम दर्शन के लिए ठठेरी बाजार स्थित तिवारी टोला के उनके आवास पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला देर तक जारी रहा। अपराह्न बेला में पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा बक्सर स्थित चरित्रवन श्मशान घाट के लिए रवाना हुई। वहां गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

लंबे जीवनकाल में कपिल बाबा ने अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार और अनेक शुभचिंतक छोड़ गए हैं। उनके निधन से डुमरांव के सामाजिक और साहित्यिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति मानी जा रही है।कपिल बाबा अपने पीछे दो पुत्रों कृष्ण मोहन त्रिपाठी उर्फ नेपाली तिवारी और चंद्र मोहन त्रिपाठी, बहुओं तथा तीन पौत्रों अविनाश त्रिपाठी, अंकुर त्रिपाठी एवं शिवाजी त्रिपाठी समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

परिवार के सदस्यों और करीबियों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। उनके निधन पर अधिवक्ता संघ डुमरांव के पूर्व संस्थापक अध्यक्ष एवं साहित्यकार एस. एस. नवीन, पत्रकार अरुण कुमार ‘विक्रांत’, रवि रंजन श्रीवास्तव, अधिवक्ता प्रभा नाथ तिवारी, नगर परिषद की पूर्व चेयरमैन भागमनी देवी, शिक्षाविद नागेन्द्र दुबे, तुलसी तिवारी, शिक्षाविद डॉ. रमेश सिंह, श्रद्धानंद तिवारी, राज किशोर सिंह, शिक्षक कमलेश कुमार सिंह, सच्चिदानंद भगत और दशरथ विद्यार्थी सहित कई गणमान्य लोगों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। शोकाकुल लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
















