पटना, 29 अक्टूबर (पटना डेस्क) बिहार के खगड़िया जिले में अंधविश्वास की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। परबत्ता थाना क्षेत्र के तेमथा करारी पंचायत स्थित शर्मा टोला में सर्पदंश से 10 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद परिजन 20 घंटे से अधिक समय तक झाड़-फूंक के सहारे उसके जीवित होने की उम्मीद लगाए रहे। कथित तांत्रिक बाबा के इंतजार में शव घर में रखा रहा। आखिरकार पुलिस और स्थानीय युवाओं की पहल पर गुरुवार दोपहर परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।मृतक की पहचान राजमिस्त्री बमबम कुमार के पुत्र सिद्धार्थ कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 4:30 बजे सिद्धार्थ गांव के भगवती मंदिर के पास खेल रहा था। इसी दौरान जहरीले सांप ने उसे डस लिया।

परिजन पहले झाड़-फूंक और नीर-भस्म के चक्कर में पड़े रहे। हालत बिगड़ने पर उसे परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। सीएचसी के चिकित्सक डॉ. विनय कुमार के अनुसार, बुधवार शाम करीब 6:30 बजे बच्चे को अस्पताल लाया गया, जहां जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। चिकित्सक ने बताया कि अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है और समय पर इलाज मिलने से जान बचने की संभावना हो सकती थी। इसके बावजूद परिजन शव लेकर रहीमपुर स्थित भगवती मंदिर पहुंच गए। वहां रातभर झाड़-फूंक होती रही। गुरुवार सुबह शव घर लाकर कथित तांत्रिक बाबा के आने का इंतजार किया जाने लगा।

सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार और स्थानीय युवा मौके पर पहुंचे। काफी समझाने-बुझाने के बाद दोपहर करीब तीन बजे परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। पुलिस ने शव को खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया। घटना ने अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता की जरूरत फिर उजागर कर दी है।















