पटना, 20 अप्रैल (पटना डेस्क) अप्रैल की तपती धूप में मक्का की फसल को उगाना अब चुनौती बन चुका है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. हादी हुसैन खान ने बताया कि इस महीने में मक्का की सिंचाई का तरीका सही होने पर ही बेहतर उत्पादन मिल सकता है। उन्होंने बताया कि इस समय तापमान 35°C से 42°C के बीच रहता है, ऐसे में मिट्टी की किस्म के आधार पर हाइब्रिड मक्का में 7 से 10 दिन में सिंचाई करनी चाहिए।

मक्का की पत्तियों का मुड़ना और पुरानी पत्तियों का पीला पड़ना जल तनाव का संकेत होता है। डॉ. खान ने कहा कि अगर पौधों में वाष्पोत्सर्जन बढ़ रहा है, तो पौधे को जल्द पानी देना जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि सिंचाई सुबह जल्दी या शाम के समय करें, क्योंकि तेज धूप में पानी देने से मिट्टी का तापमान गिरता है, जो पौधों के लिए खतरनाक हो सकता है।

वहीं, मक्का की जड़ों में पानी खड़ा नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है। प्री-मानसून बारिश के बाद जलभराव से मक्का की जड़ें सांस नहीं ले पातीं, जिससे पौधा पीला पड़ने लगता है। खेत में जल निकासी का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सिंचाई के समय ‘बॉल टेस्ट’ से यह जाना जा सकता है कि मिट्टी में नमी है या नहीं।

इसके अलावा, अगर यूरिया का टॉप-ड्रेसिंग हो, तो उसके बाद हल्की सिंचाई जरूर करें ताकि नाइट्रोजन गैस के रूप में उड़ने से बच सके। इन सभी उपायों को ध्यान में रखते हुए सही समय पर सिंचाई करने से मक्का की फसल में दाने चमकदार और भारी बन सकते हैं, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा।

















