
पटना, 20 अप्रैल (अविनाश कुमार) मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। दस-दस हजार रुपये की शुरुआती सहायता प्राप्त करने वाली करीब 40 लाख महिलाओं का सर्वे पूरी तरह से पूरा हो चुका है। सर्वे में यह पता चला है कि इन महिलाओं में से 70 प्रतिशत ने अपने रोजगार की शुरुआत की है, और जिनका व्यवसाय अच्छा चल रहा है, उन्हें अब जल्द ही दूसरी किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये दिये जाएंगे।

राज्य के जीविका विभाग की ओर से इस योजना को लेकर तैयारियाँ जोरों पर हैं। योजना के तहत राज्य की लगभग 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए दस-दस हजार रुपये दिये गए थे, जिनमें से 40 लाख महिलाओं का सर्वे अब तक पूरा हो चुका है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, इन महिलाओं ने अपनी आजीविका के लिए छोटे-बड़े व्यवसाय शुरू किए हैं, जिनमें से 70 प्रतिशत महिलाएं सफलतापूर्वक अपना रोजगार चला रही है।

जिन महिलाओं का रोजगार अच्छा चल रहा है, उन्हें अब अगले चरण में सरकार से वित्तीय मदद मिलने वाली है। योजना के मुताबिक, अब तक एक किस्त में दस-दस हजार रुपये दिए जा चुके थे, और अब दूसरी किस्त के तहत 20-20 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसमें से पांच हजार रुपये का अंशदान महिलाओं को खुद भी करना होगा। वहीं, योजना के तीसरे और चौथे चरण में क्रमशः 40 हजार और 80 हजार रुपये सरकार द्वारा दिए जाएंगे, जिसमें महिलाओं को दस हजार और 20 हजार रुपये का अंशदान भी करना होगा।
सर्वे से यह भी जानकारी सामने आई है कि सबसे अधिक महिलाओं ने पशुपालन को अपने रोजगार का साधन बनाया है। इनमें गाय, बकरी, मुर्गी पालन जैसी गतिविधियां प्रमुख हैं। इसके अलावा, महिलाओं ने फल-सब्जी की दुकाने, कपड़े की सिलाई, चाय-पकौड़े की दुकाने, किराना की दुकानें और ब्यूटी पार्लर जैसे व्यवसाय भी शुरू किए हैं। सरकार का कहना है कि जैसे-जैसे सर्वे का कार्य पूरा होगा, वैसे-वैसे अगले चरण की राशि लाभार्थियों को दी जाएगी। इसके साथ ही, योजना के पांचवे चरण में महिलाओं को 60 हजार रुपये दिए जाएंगे, जिसमें किसी तरह का अंशदान नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में 2 लाख रुपये एकमुश्त देने की भी व्यवस्था की गई है, जिसके लिए राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा आवश्यक होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार करना है, और इस योजना के जरिए वह इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
















