पटना, 20 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार पर सियासी हलचल तेज हो गई है। फिलहाल एक मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों के सहारे चल रही सरकार अब बदलाव की ओर बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक, सम्राट चौधरी अपने मंत्रिमंडल में लगभग 30% पुराने चेहरों को बदल सकते हैं। इस बदलाव में खासतौर पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।

सूत्रों का कहना है कि विजय कुमार सिन्हा को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिल सकता और उन्हें संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय कुमार सिन्हा और उनके बीच हुई तीखी नोकझोंक भी फिर से सुर्खियों में है। वायरल वीडियो में दोनों नेताओं के बीच सदन में हुई बहस का दृश्य साफ देखा जा सकता है।

यह वीडियो 17 मार्च 2021 का बताया जा रहा है, जब सम्राट चौधरी पंचायती राज मंत्री थे और विजय कुमार सिन्हा विधानसभा अध्यक्ष थे। इस वीडियो में सम्राट चौधरी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “बहुत व्याकुल नहीं होना है…”। इसके जवाब में विजय कुमार सिन्हा ने उन्हें अपनी बात वापस लेने को कहा था।इस वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और अब बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच यह पुराना वीडियो फिर से चर्चा में आ गया है।

सूत्रों के अनुसार, जनता दल (यूनाइटेड) के एक वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ने भी विजय कुमार सिन्हा को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। इस नाराजगी के बाद पार्टी आलाकमान ने विचार किया है कि विजय कुमार सिन्हा को प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जाए, जबकि वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में यह बदलाव बिहार की सियासत को नई दिशा दे सकता है। 24 अप्रैल को विधानसभा में होने वाले विश्वास मत से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की रणनीति तय की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सम्राट चौधरी का मंत्रिमंडल विस्तार आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में नई चालें चली जा सकती हैं।


















