• Home
  • विशेष रिपोर्ट
  • क्या 23 अगस्त तक रामफल मंडल को मिलेगा शहीद का दर्जा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से एन मंडल बड़ी मांग
Image

क्या 23 अगस्त तक रामफल मंडल को मिलेगा शहीद का दर्जा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से एन मंडल बड़ी मांग

समस्तीपुर, 22 जुलाई (समस्तीपुर डेस्क) बिहार के वीर स्वतंत्रता सेनानी रामफल मंडल को आधिकारिक रूप से “शहीद” का दर्जा दिलाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, राष्ट्रीय कला एवं संस्कृति मंत्री तथा फिल्मकार एन. मंडल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को औपचारिक निवेदन-पत्र भेजकर 23 अगस्त 2026 (शहीद दिवस) तक रामफल मंडल को आधिकारिक रूप से “शहीद” घोषित करने की मांग की है। इस पहल के बाद सामाजिक संगठनों और इतिहास प्रेमियों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। 21 जुलाई 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि रामफल मंडल ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। ऐसे महान सेनानी को आज तक आधिकारिक रूप से “शहीद” का दर्जा नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

पत्र में आग्रह किया गया है कि बिहार सरकार आवश्यक प्रशासनिक एवं विधिक प्रक्रिया पूरी कर उनके योगदान को औपचारिक सम्मान प्रदान करे।निवेदन-पत्र में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस सार्वजनिक वक्तव्य का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था, “जिन्होंने अंग्रेजों के परचम के विरुद्ध लड़ाई लड़ी, उनका नाम रामफल मंडल था”। महासंघ ने इसी वक्तव्य का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से अपने संकल्प को धरातल पर उतारने की अपील की है। फिल्मकार एन. मंडल ने इस संबंध में अपने सोशल मीडिया मंच पर भी पत्र साझा किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें विश्वास है कि बिहार सरकार स्वतंत्रता संग्राम में रामफल मंडल के योगदान का सम्मान करते हुए इस विषय पर संवेदनशील और सकारात्मक निर्णय लेगी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि 23 अगस्त 2026 तक इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।एन. मंडल ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति को सम्मान देने का विषय नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले एक वीर स्वतंत्रता सेनानी के बलिदान को उचित पहचान दिलाने का राष्ट्रीय दायित्व है। इस मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और रामफल मंडल के समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें बिहार सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं। यदि सरकार सकारात्मक निर्णय लेती है, तो रामफल मंडल के संघर्ष और बलिदान को आधिकारिक मान्यता मिलने के साथ स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ सकता है।

Releated Posts

डुमरांव अनुमंडल में प्रशासनिक बदलाव: भावुक माहौल में एसडीओ राकेश कुमार को विदाई, राजीव कुमार ने संभाली कमान

बक्सर, 20 जुलाई (विक्रांत) डुमरांव अनुमंडल कार्यालय परिसर सोमवार को उस समय भावुक माहौल का साक्षी बना, जब…

सिलाव के श्री काली साह खाजा का देशभर में डंका, बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा देओल ने BIB अवॉर्ड से किया सम्मानित

नालंदा, 19 जुलाई (अविनाश पांडेय) नालंदा के विश्वप्रसिद्ध श्री काली साह खाजा ने एक बार फिर बिहार का…

छोटे शहर का बड़ा कमाल: डुमरांव के अक्षत ने NEET में लहराया परचम, ऑल इंडिया रैंक 12,833 हासिल कर बढ़ाया बक्सर का मान

बक्सर, 17 जुलाई (विक्रांत) सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने वाले डुमरांव के 19 वर्षीय अक्षत कुमार…

डुमरांव में उमड़ा जनसेवा का सैलाब: डॉ. वंदना भगत के नेतृत्व में विशाल निशुल्क चिकित्सा शिविर, सैकड़ों मरीजों का हुआ इलाज

बक्सर, 11 जुलाई (विक्रांत) माँ डुमरेजनी के पावन धारा धाम में मंजु संवर्धन फाउंडेशन के प्रथम स्थापना दिवस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top