• Home
  • मुख्य समाचार
  • बिहार में बनेगा तीन नए गंगा पथों का विस्तृत नेटवर्क: छह जिलों की बदलेगी तस्वीर, सर्वे शुरू होने की तैयारी
Image

बिहार में बनेगा तीन नए गंगा पथों का विस्तृत नेटवर्क: छह जिलों की बदलेगी तस्वीर, सर्वे शुरू होने की तैयारी

पटना, 22 जुलाई (पटना डेस्क) बिहार में सड़क अवसंरचना को नई रफ्तार देने की दिशा में राज्य सरकार ने तीन महत्वाकांक्षी गंगा पथ परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इन प्रस्तावित मार्गों के लिए जल्द ही विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण कराया जाएगा। बिहार राज्य पथ विकास निगम ने इस प्रक्रिया को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है और निविदा में रुचि दिखाने वाली एजेंसियों में से एक परामर्शी संस्था का चयन अगले कुछ दिनों में किए जाने की तैयारी है। इसके बाद परियोजनाओं के लिए व्यापक सर्वे का कार्य शुरू होगा। प्रस्तावित परियोजनाओं में बिदुपुर से दिघवारा तक गंगा अंबिका पथ, मनेर से बक्सर तक विश्वामित्र पथ तथा सारण जिले के दरिहारा (कोन्हुआ) से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक नारायणी पथ शामिल हैं। इन तीनों मार्गों के लिए अंतिम एलाइनमेंट, निर्माण लागत, भूमि संबंधी तकनीकी पहलुओं और भविष्य की यातायात आवश्यकताओं का विस्तृत अध्ययन कराया जाएगा।

पथ विकास निगम के अधिकारियों के अनुसार, सर्वेक्षण के दौरान अगले 20 से 25 वर्षों तक इन मार्गों पर संभावित यातायात दबाव का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। साथ ही यह भी अध्ययन होगा कि इन सड़कों पर टोल शुल्क से भविष्य में कितनी आय होने की संभावना है। तकनीकी सर्वे, यातायात विश्लेषण और आर्थिक मूल्यांकन सहित पूरी प्रक्रिया को लगभग छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।प्रारंभिक योजना के अनुसार, बिदुपुर-दिघवारा गंगा अंबिका पथ की लंबाई लगभग 56 किलोमीटर, मनेर-बक्सर विश्वामित्र पथ करीब 90 किलोमीटर तथा दरिहारा (कोन्हुआ)-डुमरिया घाट नारायणी पथ लगभग 73.51 किलोमीटर लंबा होगा।

इन सड़कों का निर्माण नदी तटीय क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पटना, सारण, सीवान, गोपालगंज, भोजपुर और बक्सर सहित आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है। इससे यात्रा का समय घटेगा, व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इधर राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्टेट हाईवे पर टोल शुल्क केवल व्यावसायिक वाहनों से ही लिया जाएगा। विधान परिषद में परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि निजी वाहनों पर टोल लागू नहीं होगा। उनके अनुसार, केवल पीले नंबर प्लेट वाले व्यावसायिक वाहन ही इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे। सरकार का कहना है कि सड़क गुणवत्ता बनाए रखने और नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं के विकास के लिए यह नीति आवश्यक है।

Releated Posts

दुर्गा पूजा पर समस्तीपुर में हाई अलर्ट: पंडाल से विसर्जन तक कड़ी निगरानी, रावण दहन की सुरक्षा पर भी प्रशासन सख्त

समस्तीपुर, 13 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) दुर्गा पूजा, विजयादशमी, मूर्ति विसर्जन और रावण दहन को लेकर समस्तीपुर जिला प्रशासन…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 13, 2026

मुजफ्फरपुर में जमीन फर्जीवाड़े पर प्रशासन का शिकंजा: तत्कालीन सीओ महेंद्र शुक्ला गिरफ्तार, एसएसपी के एक्शन से मचा हड़कंप

मुजफ्फरपुर, 13 अक्टूबर (संतोष गुप्ता) जिले में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और सरकारी पद के कथित दुरुपयोग के…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 13, 2026

दुर्गा पूजा पर बक्सर में प्रशासन अलर्ट: डीएम-एसपी ने पूजा स्थलों का लिया जायजा, भीड़ और सुरक्षा पर कड़ी नजर

बक्सर, 13 अक्टूबर (विक्रांत) दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 13, 2026

जन्म-मृत्यु पंजीकरण को लेकर छात्राओं को किया जागरूक, क्विज में पुष्पम कुमारी ने मारी बाजी

समस्तीपुर, 13 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) जन्म-मृत्यु पंजीकरण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को महिला महाविद्यालय,…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 13, 2026

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top