पटना, 17 जुलाई (पटना डेस्क) बिहार के पूर्णिया जिले में पुलिस ने ऑपरेशन नया सवेरा के तहत देह व्यापार और मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। बनमनखी थाना क्षेत्र के मवेशीहाट स्थित आम्रपाली नगर में की गई छापेमारी के दौरान तीन नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया गया, जबकि गिरोह से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मिली गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) शैलेश प्रीतम के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने आम्रपाली नगर स्थित संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की, जहां से तीन नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

पुलिस ने मौके से दो पुरुषों और छह महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिन पर देह व्यापार और मानव तस्करी में संलिप्त होने का आरोप है।छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई मोबाइल फोन, स्कैनर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। बरामद सामान की जांच की जा रही है, ताकि गिरोह के नेटवर्क और उसके संचालन के तरीके का पता लगाया जा सके। इस विशेष अभियान में ट्रिनिटी इंडिया ट्रस्ट के सामाजिक कार्यकर्ता जय कृष्ण गुसांग, बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्य सज्जाद आलम, बनमनखी थाना पुलिस तथा महिला एवं पुरुष पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी एजेंसियों के समन्वित प्रयास से यह कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी की गई। पुलिस ने इस मामले में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम तथा पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

एसडीपीओ शैलेश प्रीतम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी और देह व्यापार जैसे संगीन अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा तथा पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।















