पटना, 16 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ को लागू कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने और उसका पंजीकरण कराने वाले पात्र लाभार्थियों को नकद प्रोत्साहन राशि (सब्सिडी) दी जाएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 से प्रभावी इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार के निर्देश के अनुसार, 15 मई 2026 के बाद पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों पर ही इस योजना का लाभ मिलेगा। इच्छुक आवेदकों को राज्य परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक (गूगल फॉर्म) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

साथ ही ऑनलाइन आवेदन की हार्डकॉपी और आवश्यक दस्तावेज जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में जमा करना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।योजना के तहत निजी दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाली महिलाओं और एससी/एसटी वर्ग को 12 हजार रुपये, जबकि सामान्य वर्ग के खरीदारों को 10 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। निजी इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाली महिला खरीदारों को एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं, व्यावसायिक मालवाहक ई-थ्री व्हीलर खरीदने वाले सामान्य वर्ग को 50 हजार रुपये तथा एससी/एसटी वर्ग को 60 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

इस योजना का असर अब जिलों में भी दिखाई देने लगा है। मुजफ्फरपुर में पर्यावरण अनुकूल वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 16 मई से 1 जुलाई के बीच जिले में 617 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री दर्ज की गई है। इनमें 443 इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटी, 126 ई-रिक्शा तथा 48 इलेक्ट्रिक कारें शामिल हैं। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ये सभी खरीदार योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि हरित परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।













