समस्तीपुर, 16 जुलाई (हर्षिता “अश्क”) शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। वर्षों से जाम और यातायात दबाव की समस्या झेल रहे समस्तीपुर को जल्द ही फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की सौगात मिल सकती है। पुराने टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज की जगह आधुनिक फोरलेन पुल के निर्माण की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद इसकी प्रक्रिया तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, नए फोरलेन आरओबी के निर्माण की संभावनाओं का अध्ययन शुरू कर दिया गया है।

परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति भी कर दी गई है। डीपीआर तैयार होने के बाद तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो जाएगा। समस्तीपुर-दरभंगा मार्ग पर स्थित वर्तमान रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण वर्ष 1970 में हुआ था। पांच दशक से अधिक पुराने इस पुल की क्षमता अब बढ़ते यातायात के मुकाबले बेहद कम पड़ रही है। पुल के दोनों ओर फोरलेन सड़क होने के बावजूद बीच में केवल टू-लेन ओवरब्रिज होने के कारण रोजाना लंबा जाम लगता है। भारी वाहनों और बढ़ती आबादी के कारण इस पुल पर दबाव लगातार बढ़ता गया है। फिलहाल पुराने ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य जारी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल मरम्मत से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

भविष्य की यातायात जरूरतों को देखते हुए फोरलेन आरओबी का निर्माण जरूरी हो गया है। इस मुद्दे को राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर ने भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई करने और आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। यदि परियोजना को सरकार की अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो समस्तीपुर की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्या का समाधान संभव हो सकेगा। नए फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण से न केवल जाम की समस्या में भारी कमी आएगी, बल्कि आवागमन अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होगा। शहर के लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित यह बहुप्रतीक्षित परियोजना अब जल्द धरातल पर उतरकर समस्तीपुर की यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदल देगी।













