नई दिल्ली, 31 मार्च (अशोक “अश्क”) भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में देशवासियों को गर्मी को लेकर बड़ा झटका दिया है। विभाग के अनुसार अप्रैल से जून तक पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों के साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में भीषण गर्मी और लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने की आशंका है।

IMD ने साफ कहा है कि इन महीनों में कई इलाकों में लू के लंबे दौर देखने को मिल सकते हैं, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ना तय है। खासकर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत, मध्य भारत के पूर्वी हिस्सों तथा आसपास के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना जताई गई है।हालांकि राहत की बात यह है कि देश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या उससे कम भी रह सकता है। लेकिन न्यूनतम तापमान को लेकर तस्वीर ज्यादा चिंताजनक है। विभाग के अनुसार पूरे देश में अधिकतर जगहों पर रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। वहीं महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य या कम रहने की संभावना है।अप्रैल महीने के लिए पूर्वानुमान और भी दिलचस्प है। जहां एक ओर कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य या कम रह सकता है, वहीं पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।चौंकाने वाली बात यह है कि भीषण गर्मी के बीच बारिश भी दस्तक दे सकती है। IMD के मुताबिक अप्रैल 2026 में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पूर्वी भारत के कई इलाकों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। ऐसे में गर्मी और बारिश का यह अनोखा मेल लोगों के लिए नई चुनौती बन सकता है।
















