नई दिल्ली, 25 अगस्त (अशोक “अश्क”) प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के तहत सर्वाधिक संख्या में स्वीकृतियां हासिल कर बिहार ने बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। नई दिल्ली में आयोजित पीएमएफएमई कॉन्क्लेव में बिहार को ‘बेस्ट स्टेट’ के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। इसे राज्य में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा देने और छोटे कारोबारियों को संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।सम्मान समारोह में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बिहार सरकार के उद्योग विभाग के एमएसएमई एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशक अमन समीर को यह पुरस्कार प्रदान किया। बिहार को मिले इस सम्मान के बाद राज्य के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों में उत्साह का माहौल है।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि पीएमएफएमई योजना का उद्देश्य छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना और उन्हें वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराना है। बिहार का सर्वाधिक स्वीकृतियां हासिल कर ‘बेस्ट स्टेट’ बनना इस क्षेत्र में राज्य की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है।बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के सूक्ष्म उद्यमियों और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े लोगों की क्षमता, मेहनत और संभावनाओं की पहचान है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास छोटे कारोबारियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जोड़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। मंत्री ने कहा कि पीएमएफएमई योजना के तहत मिली यह उपलब्धि बिहार में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमिता को नई गति देने के लिए प्रेरित करेगी।

इससे छोटे उद्यमियों को अपने कारोबार का विस्तार करने और नए उद्योग स्थापित करने के अवसर मिल सकते हैं। योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के औपचारिकीकरण और उन्नयन पर जोर दिया जाता है। उद्यमियों को तकनीकी उन्नयन, आधारभूत संरचना, ब्रांडिंग, क्षमता निर्माण और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले खाद्य उत्पादों को बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है। बिहार को ‘बेस्ट स्टेट’ का सम्मान मिलने से खाद्य प्रसंस्करण और सूक्ष्म उद्यमिता के क्षेत्र में नए निवेश की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन होने से किसानों और छोटे कारोबारियों को लाभ मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार को उम्मीद है कि यह उपलब्धि बिहार के छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर कारोबार खड़ा करने के लिए नई ऊर्जा देगी।
















