पटना, 20 अगस्त (अविनाश कुमार) बिहार सरकार ने फर्जीवाड़ा कर एक से अधिक महाविद्यालयों का संचालन करने वाले शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने विभागीय अधिकारियों को ऐसे सभी संस्थानों की व्यापक जांच कराने का निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा है कि अनियमितता मिलने पर संबंधित संस्थानों की मान्यता रद्द करने के साथ-साथ फर्जीवाड़े की प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। बुधवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के प्रशासनिक क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन शिक्षण संस्थानों की भी जानकारी ली गई, जिन पर भ्रामक जानकारी देकर योजना का लाभ उठाने के आरोप हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के संचालन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री ने दो टूक कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ केवल उन्हीं विद्यार्थियों को मिले, जो निर्धारित पात्रता और सभी आवश्यक मानकों को पूरा करते हों। यदि जांच में किसी अधिकारी की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में ऐसे शैक्षणिक संस्थानों की विशेष जांच के निर्देश दिए गए, जो गलत और भ्रामक जानकारी देकर एक से अधिक कॉलेजों का संचालन कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि इस तरह की अनियमितताएं शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं।इसके अलावा मंत्री ने नए डिग्री महाविद्यालयों की स्थापना से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नए कॉलेजों के लिए ऐसी भूमि का चयन किया जाए, जो प्रखंड मुख्यालय के आसपास स्थित हो और विद्यार्थियों के लिए आसानी से पहुंच योग्य हो। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आधारभूत सुविधाओं का बेहतर विकास और पारदर्शी व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार के इस सख्त रुख के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है और फर्जी संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई की संभावना तेज हो गई है।















