पटना, 03 जून (अविनाश कुमार) बिहार के विश्वविद्यालयों में पीएचडी करने का सपना देख रहे हजारों छात्रों के लिए बड़ी खबर है। राज्य के विश्वविद्यालयों में आयोजित होने वाली पीएचडी एडमिशन टेस्ट (PAT) परीक्षा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। कुलाधिपति सचिवालय के इस फैसले के बाद अब पीएचडी में नामांकन केवल यूजीसी-नेट (UGC-NET) स्कोर के आधार पर किया जाएगा। इस निर्णय को उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अब कोई भी विश्वविद्यालय पीएचडी प्रवेश के लिए अलग से PAT परीक्षा आयोजित नहीं करेगा।

यह निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नई व्यवस्था और कुलाधिपति के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। सचिवालय ने उन विश्वविद्यालयों को भी सख्त निर्देश दिए हैं जिन्होंने PAT के लिए विज्ञापन जारी कर दिए हैं, लेकिन अभी परीक्षा आयोजित नहीं हुई है। ऐसे सभी विज्ञापनों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने तथा प्रवेश प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन करने को कहा गया है। छात्रों को राहत देते हुए यह भी कहा गया है कि जिन विश्वविद्यालयों ने अभ्यर्थियों से आवेदन शुल्क लिया है, वे शुल्क वापस करें अथवा यूजीसी-नेट आधारित नई प्रवेश प्रक्रिया लागू करें। इससे विद्यार्थियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ और बार-बार परीक्षा देने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।

हालांकि, यह आदेश पूर्व में PAT के माध्यम से नामांकित शोधार्थियों पर लागू नहीं होगा। जिन छात्रों का पीएचडी नामांकन पहले ही पूरा हो चुका है, उनकी पढ़ाई और शोध कार्य पूर्ववत जारी रहेगा। कुलाधिपति सचिवालय ने सभी विश्वविद्यालयों से आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। अब तक बिहार के अधिकांश विश्वविद्यालय पीएचडी प्रवेश के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित करते थे, जिससे छात्रों को यूजीसी-नेट के अलावा कई अन्य प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होना पड़ता था। नए नियम के लागू होने से प्रवेश प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता आएगी। इस बीच पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (PPU) के कुलसचिव प्रो. अबू बकर रिजवी ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय कुलाधिपति सचिवालय के आदेशों का पालन करेगा और भविष्य में PAT आयोजित नहीं किया जाएगा। अब पीएचडी में दाखिला पूरी तरह यूजीसी-नेट स्कोर के आधार पर ही दिया जाएगा।

















