बक्सर, 18 जुलाई (विक्रांत) बिहार में सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बक्सर से भागलपुर के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड कॉरिडोर परियोजना ने नया मोड़ ले लिया है। अब तक इस परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों को विकसित कर तैयार किया जाना था, लेकिन अब बिहार सरकार ने इसे स्वयं विकसित करने का फैसला किया है। इसके तहत पूरी तरह नया सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे बनाने की दिशा में आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) ने 16 जुलाई को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और ट्रांजैक्शन एडवाइजर (टीए) तैयार करने हेतु परामर्श सेवाओं के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर दिया है।

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की अनुमानित लंबाई करीब 350 किलोमीटर होगी और इसे आधुनिक तकनीक के अनुरूप एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार ने योग्य कंसल्टेंसी कंपनियों से खुली प्रतिस्पर्धी निविदा के माध्यम से आवेदन मांगे हैं। चयनित एजेंसी को कार्यादेश मिलने के छह महीने के भीतर डीपीआर तैयार करनी होगी, जबकि पूरे असाइनमेंट को 12 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कंसल्टेंट का चयन गुणवत्ता और लागत के आधार पर किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, एक्सप्रेसवे के लिए कई संभावित रूटों पर विचार चल रहा है। इनमें बक्सर, डुमरांव, पीरो, अरवल, जहानाबाद, नवादा होते हुए भागलपुर तक का ग्रीनफील्ड मार्ग सबसे अधिक संभावित माना जा रहा है। इस मार्ग के निर्माण से राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच यात्रा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, एनएचएआई भी बक्सर-भागलपुर हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए पहले से सर्वे कर रहा है। उसकी योजना बक्सर-आरा-पटना-बेगूसराय-मुंगेर होते हुए मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों को उन्नत कर हाईस्पीड कॉरिडोर विकसित करने की है। ऐसे में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि बिहार सरकार की नई ग्रीनफील्ड परियोजना और एनएचएआई की मौजूदा योजना साथ-साथ आगे बढ़ेंगी या फिर केंद्र अपनी परियोजना में बदलाव करेगा। इस बड़े फैसले को बिहार की भविष्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिए अहम माना जा रहा है।













