हैदराबाद, 03 अक्टूबर (अंकिता राय) AI एजेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच Apple ने Mac यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। कंपनी अब Full Disk Access जैसी संवेदनशील परमिशन देने से पहले यूजर्स को अधिक स्पष्ट जानकारी और जानबूझकर मंजूरी देने की प्रक्रिया उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य यूजर्स को यह समझाना है कि अनुमति मिलने के बाद संबंधित ऐप उनके निजी डेटा तक किस स्तर तक पहुंच बना सकता है। Full Disk Access बेहद शक्तिशाली परमिशन है। इसके जरिए किसी ऐप को Mac में मौजूद फाइल्स, ई-मेल, मैसेज और ब्राउजिंग हिस्ट्री जैसी निजी जानकारी तक पहुंच मिल सकती है।

AI एजेंट्स के अब खुद कई कार्य करने में सक्षम होने के कारण उन्हें व्यापक सिस्टम एक्सेस दिए जाने पर डेटा प्राइवेसी को लेकर सवाल भी बढ़े हैं। Apple के मुताबिक, Mac में iPhone और iPad जैसी सख्त सैंडबॉक्सिंग व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कुछ ऐप्स को बैकअप समेत जरूरी कार्यों के लिए Full Disk Access की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि, इस अनुमति का गलत इस्तेमाल होने पर यूजर की संवेदनशील जानकारी जोखिम में पड़ सकती है। Meta Muse को लेकर भी उठा था विवादहाल ही में Meta के AI एजेंट Muse को लेकर कुछ यूजर्स ने निजी मैसेज पढ़े जाने की शिकायत की थी। Meta ने सफाई देते हुए कहा था कि निजी Messages तक पहुंच के लिए Full Disk Access और Messages Connector दोनों को सक्रिय करना जरूरी है।

कंपनी के अनुसार, ये सुविधाएं यूजर की अनुमति पर निर्भर हैं और इन्हें कभी भी बंद किया जा सकता है।Apple अब परमिशन देने से पहले जोखिमों और डेटा एक्सेस को अधिक स्पष्ट तरीके से बताने पर जोर दे रहा है। कंपनी का कहना है कि शक्तिशाली AI टूल उपलब्ध कराने के साथ यूजर्स की प्राइवेसी की सुरक्षा भी जरूरी है। यूजर्स को भी सतर्क रहने की जरूरत है। किसी ऐप को Full Disk Access देने से पहले यह जांचना चाहिए कि उसे वास्तव में इस अनुमति की जरूरत है या नहीं। समय-समय पर Mac की सेटिंग्स में जाकर यह भी देखना चाहिए कि किन ऐप्स को यह संवेदनशील अनुमति मिली हुई है।













