बक्सर, 15 अक्टूबर (विक्रांत) बिहार के विभिन्न जिलों में दलित, महादलित, महिलाओं और मुस्लिम समुदाय के लोगों पर कथित सामंती व पुलिसिया दमन के विरोध में भाकपा माले के कार्यकर्ता गुरुवार को डुमरांव की सड़कों पर उतरे। माले कार्यालय से निकला प्रतिरोध मार्च मेन रोड होते हुए नया थाना पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने सभा कर विरोध जताया और पुतला दहन किया। सभा का संचालन खेग्रामस के जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने किया, जबकि अध्यक्षता नगर सचिव कृष्णा राम ने की। सभा को जिला सचिव नवीन कुमार और ललन राम ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार के शासन में राज्य के कई हिस्सों में कमजोर वर्गों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है।वक्ताओं ने पटना के बेहरावा में दो दलितों की डुबोकर हत्या, 32 महिलाओं को जेल भेजे जाने तथा बेतिया सदर अंचल के औरहिया निवासी दिलशाद अंसारी की कथित पुलिस हिरासत में मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में दलितों, महादलितों और मुस्लिमों को कथित सामंती व पुलिसिया दमन का सामना करना पड़ रहा है।
माले नेताओं ने बेहरावा की 32 महिलाओं को तत्काल जेल से रिहा करने तथा दिलशाद अंसारी की पुलिस हिरासत में कथित मौत के मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

प्रतिरोध मार्च व सभा में धर्मेन्द्र सिंह, जाबिर कुरैशी, युवा नेता शैलेन्द्र पासवान, बाबूलाल राम, अनिल राय, धनई राम, सर्वेश पाण्डेय, पूजा कुमारी, ऊषा देवी, पूनम देवी, भगवान दास, सुरेश यादव समेत बड़ी संख्या में माले नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।















