पटना, 14 अक्टूबर (अविनाश कुमार) बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में भोज में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरी छोटी नाव के गंगा नदी में पलट जाने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। प्रशासन के अनुसार अब तक 13 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि सात लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए गए लोगों को इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। इनमें कुछ घायलों की हालत गंभीर होने पर बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।स्थानीय लोगों के मुताबिक रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के पास सिंहेश्वर राय के घर भोज का आयोजन था। इसमें शामिल होने के लिए करीब 20 ग्रामीण एक छोटी नाव पर सवार होकर दूसरे गांव जा रहे थे।

इसी दौरान नदी में नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि अब तक सात लोगों को बचाया गया है, जबकि 13 शव बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान पूरी रात जारी रहेगा। एसडीआरएफ की टीम के साथ स्थानीय गोताखोर भी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन के अनुसार नाव पर सवार सभी बच्चे 15 वर्ष या उससे कम उम्र के थे, जिससे हादसे की भयावहता और बढ़ गई है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य तेज किया गया। वहीं, जब जिलाधिकारी वर्षा सिंह हालात का जायजा लेने स्थानीय अस्पताल पहुंचीं, तो वहां मौजूद आक्रोशित लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

लोगों में हादसे को लेकर भारी गुस्सा और मातम का माहौल है। घटना पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरी संवेदना जताते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत-बचाव अभियान तेज करने और घायलों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के निकटतम परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। राघोपुर विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि पटना पहुंचते ही वे राघोपुर जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।













