समस्तीपुर, 3 सितंबर (हर्षिता “अश्क”) शहर के मगरदही घाट स्थित बाबा गणिनाथ मंदिर परिसर में संत बाबा गणिनाथ गोविंद जी की जयंती एवं पूजन समारोह को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मध्यदेशीय वैश्य कानू संघ, समस्तीपुर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय समारोह के लिए मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। 4 सितंबर को नेऊतन तथा 5 सितंबर, शनिवार को मुख्य समारोह होगा। शनिवार की सुबह से बाबा गणिनाथ के जयकारों से शहर गूंज उठेगा। समारोह में करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। श्रद्धालु बाबा के दरबार में सुप्ती-मौनी में नैवेद्य अर्पित कर पूजा-अर्चना करेंगे। महिलाओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है। आयोजन को लेकर पूजा, हवन, आरती, ध्वजारोहण, प्रसाद वितरण एवं भोजन की व्यवस्था की गई है।

श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था को भी अंतिम रूप दिया गया है।आयोजन स्थल पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। संघ के कार्यकारिणी सदस्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। आयोजकों के अनुसार बाबा गणिनाथ प्रेम, सद्भाव, परोपकार, त्याग और सेवा का संदेश देते थे। वे लोगों को मांस-मदिरा एवं व्याभिचार से दूर रहने तथा योग, साधना, मानवसेवा और शिक्षा के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देते थे।

बाबा गणिनाथ गोविंद जी को कानू समाज सहित विभिन्न समुदायों में कुलदेवता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि उनका प्राकट्य शनिवार को हुआ था। इसलिए शादी-विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यों में शनिवार को प्रथम पूजन की परंपरा है, जिसे सेनुरी पूजा कहा जाता है। इस दौरान बाबा गणिनाथ, माता क्षेमा सती, श्रीगोविंद जी सहित 14 देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।

















