
बक्सर, 09 अगस्त (विक्रांत) डुमरांव-बिक्रमगंज मुख्य पथ एनएच-120 की जर्जर सड़क ने जहां आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं इसी बदहाल रास्ते पर यातायात पुलिस के जवानों ने इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी सड़क के गहरे गड्ढों में फंसे वाहनों को निकालने के लिए खुद ईंट, रोड़ा और पत्थर ढोते नजर आए। इस मानवीय पहल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग जवानों की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं। डुमरांव शहर से होकर गुजरने वाले एनएच-120 का करीब तीन किलोमीटर लंबा हिस्सा पिछले दो वर्षों से जर्जर हालत में है।
बारिश के दौरान सड़क पर जलजमाव होने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन छोटे-बड़े वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक, ई-रिक्शा और ऑटो चालक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जबकि भारी ट्रकों के फंस जाने से घंटों तक यातायात बाधित रहता है। ऐसे हालात में डुमरांव मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मी जितेंद्र सिंह, सुनील सिंह, देव रंजन सिंह और रंजन कुमार ने अपनी जिम्मेदारी से बढ़कर लोगों की मदद का बीड़ा उठाया। जब भी कोई वाहन गड्ढे में फंसता, जवान स्वयं ईंट, रोड़ा और पत्थर लाकर गड्ढों में भरते और फिर वाहन चालकों को सुरक्षित बाहर निकालने में सहयोग करते।
कई बार उन्होंने भारी वाहनों को निकलवाने के लिए घंटों तक सड़क पर मेहनत की।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों की यह सेवा भावना साफ दिखाई दे रही है। वीडियो देखने के बाद स्थानीय लोगों ने उनकी संवेदनशीलता और समर्पण की जमकर प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि जहां व्यवस्था नाकाम नजर आ रही है, वहां पुलिस के जवान लोगों के लिए उम्मीद बनकर सामने आए हैं।स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी मरम्मत नहीं हो सकी।

नतीजतन हर बारिश में सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है और वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मियों द्वारा गड्ढों में ईंट-पत्थर डालना स्थायी समाधान नहीं, बल्कि व्यवस्था की खामियों को उजागर करने वाला दृश्य है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि एनएच-120 की तत्काल स्थायी मरम्मत कराई जाए, ताकि पुलिसकर्मियों को सड़क बनाने का काम न करना पड़े और आम लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन मिल सके। फिलहाल ट्रैफिक जवानों की यह अनोखी पहल पूरे जिले में सेवा और मानवता की मिसाल बन गई है।
















