राँची, 08 अगस्त (मोहन शर्मा) झारखंड में छात्रों और अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शनिवार को सरकार से बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि तय प्रतिनिधिमंडल सुबह दस बजे सर्किट हाउस जाकर सरकार के प्रतिनिधियों से वार्ता करेगा। महतो ने स्पष्ट किया कि बातचीत में सरकार की ओर से कोई भी प्रतिनिधि हो, मांग और मुद्दे नहीं बदलेंगे। प्रतिनिधिमंडल उम्मीदवारों की मांगों को मजबूती से रखेगा और समाधान के लिए बातचीत करेगा। उन्होंने कहा कि टीम ने सुबह दस बजे सर्किट हाउस पहुंचने की जानकारी दी है। महतो के मुताबिक, यदि सरकार ने पहले मिले छात्रों की मांगें मान ली होतीं तो अलग से प्रतिनिधिमंडल भेजने की जरूरत नहीं पड़ती।

उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों की संख्या से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि सभी छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगें एक जैसी हैं और उन्हें पूरा किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारी कुश महतो ने बातचीत के लिए सामूहिक रणनीति सामने रखी। उन्होंने बताया कि बैठक में करीब दस लोग शामिल होंगे और मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन जारी रहेगा। उनके अनुसार दोनों पक्षों से करीब पांच-पांच लोग रहेंगे और बातचीत देवेंद्र महतो की अगुवाई में होगी। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो भूख हड़ताल जारी रहेगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कमजोरी के बावजूद उनका हौसला कायम है। प्रदर्शनकारी प्रेम ने मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात की मांग उठाते हुए कहा कि बातचीत मंत्रियों के बजाय मुख्यमंत्री के साथ हो।

उन्होंने बैठक को बंद कमरे के बजाय खुले मैदान में कराने और राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय तथा राज्य के समाचार चैनलों के सामने रिकॉर्ड करने की मांग की। प्रेम ने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए कहा कि उनका शुगर और ब्लड प्रेशर कम हो गया है और डॉक्टर ने पानी पीने की सलाह दी। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन से पीछे हटने से इनकार किया और कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। झारखंड में यह आंदोलन 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद तेज हुआ। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठाते हुए परीक्षा रद्द करने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और TDPL एजेंसियों के जरिए आयोजित परीक्षाओं की समीक्षा की मांग रखी है। प्रदर्शनकारी चौबीसों घंटे धरना दे रहे हैं।

















