पटना, 22 जुलाई (अविनाश कुमार) राजधानी के दानापुर रेलवे स्टेशन पर एसटीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के आरोप में दो शातिर तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान दोनों के पास से 30.4 किलोग्राम गांजा, 10,900 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने बरामद सामान को जब्त कर दोनों आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सारण जिले के सोनपुर थाना क्षेत्र के सबलपुर नवल टोला निवासी सुनील कुमार उर्फ जितेंद्र राय तथा चंदन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि गांजे की एक खेप दानापुर रेलवे स्टेशन के रास्ते आगे भेजी जाने वाली है।

सूचना के सत्यापन के बाद एसटीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने तत्काल जाल बिछाया और प्लेटफॉर्म संख्या-1 के समीप संदिग्ध अवस्था में खड़े दोनों युवकों को घेरकर दबोच लिया। अचानक हुई कार्रवाई के कारण दोनों को भागने का अवसर नहीं मिल सका।पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वे नेपाल सीमा से अवैध गांजे की खेप लाकर पटना, वैशाली और सारण समेत राज्य के कई जिलों में सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचाते थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह बड़े ट्रकों या भारी वाहनों के बजाय ट्रेनों और छोटे वाहनों का इस्तेमाल करता था। हर तीसरे-चौथे दिन 30 से 40 किलोग्राम गांजे की छोटी-छोटी खेप मंगाकर उसे अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया जाता था, जिससे पुलिस की नजरों से बचा जा सके।

पुलिस के अनुसार, पटना पहुंचने के बाद गांजे की खेप को पटना सिटी, दानापुर, बुद्धा कॉलोनी और जक्कनपुर सहित शहर के विभिन्न इलाकों में फैले स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से खपाया जाता था। बरामद मोबाइल फोन की जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन की जानकारी जुटाई जा रही है। जीआरपी थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपित जितेंद्र राय का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से हत्या, आर्म्स एक्ट और शराब तस्करी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
















