मुजफ्फरपुर, 18 मई (संतोष गुप्ता) बिहार में शराबबंदी के बीच नकली शराब के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। पारू थाना क्षेत्र के ग्यासपुर गांव में उत्पाद विभाग ने एक बंद मकान में चल रहे अवैध कारोबार का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में स्प्रिट और शराब बनाने के सामान बरामद किए हैं। छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।उत्पाद विभाग की टीम ने बंद घर का ताला तोड़कर तलाशी ली, जहां से 160 लीटर स्प्रिट और करीब एक हजार खाली शराब की बोतलें बरामद हुईं। अधिकारियों का कहना है कि यहां बड़े पैमाने पर नकली शराब तैयार करने की तैयारी चल रही थी।

कमरे के अंदर से तेज शराब और स्प्रिट की गंध आ रही थी, जिससे टीम को पहले ही शक हो गया था। उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर सब इंस्पेक्टर अभिमन्यू कुमार सिंह और तारकेश्वर पांडेय के साथ छापेमारी की गई। मौके पर पहुंचने पर मकान बंद मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि गृहस्वामी बाहर रहते हैं और गांव के एक व्यक्ति के पास घर की चाबी रहती है।ताला तोड़कर जब टीम अंदर पहुंची तो पानी रखने वाले बड़े ड्रमों में स्प्रिट छिपाकर रखा गया था। साथ ही शराब पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली खाली बोतलें भी मिली। हालांकि छापेमारी के दौरान कोई आरोपी मौके पर नहीं मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त स्प्रिट की खेप पश्चिम बंगाल से लाई गई थी।

उत्पाद विभाग को तीन धंधेबाजों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। उनके नाम और पते का सत्यापन किया जा रहा है तथा जल्द ही मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। उत्पाद विभाग ने बताया कि जिस कमरे से स्प्रिट बरामद हुई है, उसे सील करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही गृहस्वामी से भी पूछताछ की जाएगी कि आखिर उनके बंद मकान में इतने बड़े स्तर पर नकली शराब बनाने का कारोबार कैसे चल रहा था।इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध शराब कारोबारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

















