नई दिल्ली, 25 अप्रैल (अशोक “अश्क”) देश की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब मनीष सिसोदिया ने देर रात अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। आम आदमी पार्टी (AAP) में कथित टूट और राज्यसभा सांसदों के दल-बदल के दावों के बीच यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच आधे घंटे से अधिक समय तक गहन चर्चा हुई, जिसमें पार्टी की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति पर मंथन किया गया।

दरअसल, आम आदमी पार्टी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब राघव चड्ढा समेत कई राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के दावे सामने आए। इन घटनाओं ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और विपक्षी दल भी इस पर नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक में पार्टी नेतृत्व ने संभावित नुकसान और इसके राजनीतिक प्रभावों का आकलन किया। साथ ही यह भी तय किया गया कि इस मुद्दे को कानूनी स्तर पर चुनौती दी जाएगी। पार्टी अब राज्यसभा के सभापति को पत्र सौंपने की तैयारी में है, जिसमें दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की मांग की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, पार्टी के मुख्य सचेतक एनडी गुप्ता द्वारा एक औपचारिक शिकायत भेजी जाएगी, जिसमें संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत अन्य नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग होगी। इससे पहले संजय सिंह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत इन नेताओं को अयोग्य घोषित करने की मांग उठाई जाएगी।बताया जा रहा है कि राघव चड्ढा के नेतृत्व में कई सांसदों ने पार्टी से दूरी बना ली है और बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है। इस घटनाक्रम के पीछे लंबे समय से चल रही आंतरिक खींचतान को कारण माना जा रहा है, जो हाल के हफ्तों में खुलकर सामने आई। इस पूरे घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी के भीतर सियासी संकट को और गहरा कर दिया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी इस चुनौती से कैसे निपटती है और आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक असर कितना व्यापक होता है।

















