पटना, 22 अप्रैल (पटना डेस्क) बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार ने अपनी पहली बड़ी राजनीतिक यात्रा का ऐलान कर दिया है। 3 मई से शुरू होने वाली यह यात्रा पूरे बिहार के 38 जिलों को कवर करेगी, जिसे आने वाले चुनावी समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान निशांत कुमार ने बताया कि वे अपनी यात्रा की शुरुआत चंपारण से करेंगे, जो महात्मा गांधी की कर्मभूमि रही है। यह वही स्थान है, जहां से नीतीश कुमार भी अपनी अधिकांश राजनीतिक यात्राओं की शुरुआत करते रहे हैं। अब बेटे निशांत उसी परंपरा को आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं। हालांकि इस यात्रा का पूरा कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मिलकर इसकी रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।

माना जा रहा है कि इस दौरान निशांत सीधे जनता और कार्यकर्ताओं से संवाद कर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश करेंगे।गौरतलब है कि निशांत कुमार ने हाल ही में 8 मार्च को जदयू की सदस्यता ली थी और तब से लगातार संगठनात्मक बैठकों में सक्रिय हैं। राजनीतिक गलियारों में उनके डिप्टी सीएम बनने की अटकलें भी तेज थीं, खासकर तब जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा का रुख किया।

लेकिन निशांत ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता सत्ता नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करना है। नई सरकार में जदयू कोटे से विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया है। ऐसे में निशांत की यह यात्रा न सिर्फ उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत मानी जा रही है, बल्कि इसे 2026 के चुनावों से पहले जदयू के बड़े रणनीतिक कदम के तौर पर भी देखा जा रहा है।


















