नई दिल्ली, 19 अप्रैल (अशोक “अश्क”) श्रीलंका दौरे पर भारत ने एक बड़ा कूटनीतिक दांव चलते हुए प्रवासी भारतीयों और द्विपक्षीय रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। सीपी राधाकृष्णन ने अपने दौरे के दौरान ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड से जुड़े नियमों में ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा कर दी, जिससे हजारों भारतीय मूल के लोगों को सीधा फायदा मिलने जा रहा है।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी देते हुए बताया कि अब श्रीलंका में बसे प्रवासी भारतीयों की पांचवीं और छठी पीढ़ी को भी OCI कार्ड की पात्रता दी जाएगी। इससे पहले यह सुविधा केवल चौथी पीढ़ी तक सीमित थी। इस फैसले को प्रवासी समुदाय के लिए ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है। इतना ही नहीं, OCI कार्ड के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया को भी आसान बना दिया गया है। अब श्रीलंका सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र, पुराने भारत-श्रीलंका पासपोर्ट और कोलंबो व कैंडी स्थित भारतीय मिशनों के रिकॉर्ड भी मान्य होंगे।

इससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ने की उम्मीद है।दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने अनुरा कुमारा दिसानायके का आभार भी जताया। हाल ही में श्रीलंका द्वारा 47 भारतीय मछुआरों की रिहाई को लेकर भारत ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन मछुआरों को जल्द ही भारत वापस लाया जाएगा। मछुआरों के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच संवाद जारी रखने पर भी सहमति बनी। श्रीलंका के राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मुद्दे का स्थायी समाधान दोनों देशों के संयुक्त प्रयासों से ही संभव है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, OCI नियमों में ढील और मानवीय मुद्दों पर सहयोग, दोनों ही कदम भारत-श्रीलंका रिश्तों में विश्वास और साझेदारी को नई ऊंचाई देने वाले साबित होंगे। यह दौरा भविष्य की मजबूत कूटनीतिक साझेदारी का संकेत माना जा रहा है।
















