पटना, 12 जुलाई (पटना डेस्क) शहर में वर्षों से स्थायी बस स्टैंड के अभाव और उससे पैदा हो रही भीषण जाम की समस्या एक बार फिर बिहार विधानसभा की जिला परिषद एवं पंचायती राज समिति की समीक्षा बैठक में प्रमुखता से उठी। नगर विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान विधायक रोहित पांडेय ने इस गंभीर मुद्दे को मजबूती से उठाते हुए भागलपुर के लिए स्थायी समाधान की मांग की। बैठक में विभाग ने गोराडीह में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस पड़ाव (आईएसबीटी) परियोजना की प्रगति की जानकारी भी साझा की।विधायक रोहित पांडेय ने कहा कि वर्तमान में भागलपुर से बसों का संचालन रेलवे की भूमि पर बने अस्थायी बस स्टैंड से किया जा रहा है।

वर्षों पुरानी यह व्यवस्था बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ रही यात्री संख्या के सामने पूरी तरह नाकाफी साबित हो रही है। इसका सबसे बड़ा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है, जहां प्रतिदिन मुख्य सड़कों पर लंबा जाम लगने से आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित गोराडीह आईएसबीटी परियोजना पर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। परियोजना के लिए 15 एकड़ 05 डिसमिल भूमि के अधिग्रहण हेतु 11.66 करोड़ रुपये (1166.36 लाख) की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है और संबंधित विभागीय कार्रवाई भी जारी है।

विधायक रोहित पांडेय ने इसे भागलपुर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि आईएसबीटी बनने के बाद बसों का सुव्यवस्थित संचालन संभव होगा और शहर की प्रमुख सड़कों पर लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यात्रियों को आधुनिक प्रतीक्षालय, पार्किंग, शौचालय तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक बस टर्मिनल बनने से न केवल परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि भागलपुर के व्यापार, उद्योग, पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। साथ ही पड़ोसी जिलों और राज्यों से आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। विधायक ने भरोसा दिलाया कि भागलपुर के विकास से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को वे विधानसभा और विभागीय समितियों में लगातार उठाते रहेंगे, ताकि विकास योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द आम जनता तक पहुंच सके।














