पटना, 19 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार की सियासत में रविवार को बड़ा संगठनात्मक संदेश सामने आया, जब निशांत कुमार ने जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश कार्यालय में पूर्णिया और भागलपुर प्रमंडल के जिला व प्रखंड अध्यक्षों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक को आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।बैठक में किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, भागलपुर और बांका सहित कई जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

इस दौरान निशांत कुमार ने संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यों को तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए चल रही योजनाओं की सतत निगरानी बेहद जरूरी है, ताकि उनका लाभ सही लोगों तक पहुंचे।इस मौके पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ, मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ ‘गांधीजी’ समेत कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे। बैठक में संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई।

निशांत कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2005 में जहां राज्य में 817 पुलिस थाने थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1380 से अधिक हो चुकी है। इसी तरह पुलिस बल और संसाधनों में भी कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाएं।

साथ ही पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए एकजुट होकर काम करें। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आगामी चुनावी तैयारियों की दिशा में एक अहम कदम है।


















