• Home
  • अंतरराष्ट्रीय
  • नूर खान एयरबेस बना फोर्ट्रेस: पाकिस्तान की सैन्य तैयारी तेज, सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली पोल
Image

नूर खान एयरबेस बना फोर्ट्रेस: पाकिस्तान की सैन्य तैयारी तेज, सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली पोल

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (अशोक “अश्क”) पाकिस्तान की सेना रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस को एक बार फिर अत्याधुनिक और अधिक सुरक्षित सैन्य किले में बदलने में जुट गई है। यह वही रणनीतिक एयरबेस है, जहां बीते हफ्ते अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का विमान उतरा था और जो पहले भी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रह चुका है। सैटेलाइट इमेज और रक्षा विश्लेषक डेमियन साइमन के अनुसार, बेस पर बड़े पैमाने पर नए हैंगरों का निर्माण किया जा रहा है।

इन ढांचों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वे विमान और उपकरणों को पर्यावरणीय प्रभावों से सुरक्षा देने के साथ-साथ ISR (इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस) निगरानी को भी काफी हद तक सीमित कर सकें। इससे बाहरी एजेंसियों के लिए इस बेस पर हो रही गतिविधियों पर नजर रखना और कठिन हो जाएगा। नूर खान एयरबेस, जिसे पहले चकलाला बेस के नाम से जाना जाता था, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के बेहद करीब स्थित है।

यही कारण है कि यह न केवल एक लॉजिस्टिक्स हब है, बल्कि विदेशी सैन्य और राजनयिक प्रतिनिधिमंडलों के लिए भी उच्च-सुरक्षा प्रवेश द्वार माना जाता है। यह बेस पाकिस्तान के स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिवीजन (SPD) मुख्यालय से मात्र एक मील की दूरी पर स्थित है, जो देश के परमाणु हथियारों की निगरानी करता है। इसके अलावा, पाकिस्तान सेना का जनरल हेडक्वार्टर भी इसके नजदीक ही स्थित है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।

यह एयरबेस पाकिस्तानी वायुसेना के एरियल मोबिलिटी ऑपरेशंस का प्रमुख कमांड सेंटर भी है, जहां C-130 हरक्यूलिस और IL-78 मिड-एयर रिफ्यूलर जैसे महत्वपूर्ण विमान तैनात हैं। 10 मई 2025 को भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस बेस को गंभीर नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी, जिसके बाद मैक्सार की सैटेलाइट तस्वीरों में तबाही के स्पष्ट संकेत देखे गए। इसी घटना के बाद से पाकिस्तान सेना ने इस बेस को और मजबूत करने का अभियान तेज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, अफगान युद्ध के समय से ही इस बेस पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियों की मौजूदगी रही है, जिसने इसे वैश्विक रणनीतिक चर्चाओं का केंद्र बनाए रखा है। वर्तमान में हो रहे नए निर्माण कार्य इस बात का संकेत हैं कि पाकिस्तान इसे भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए एक अभेद्य सैन्य ढांचे में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

Releated Posts

US-Iran डील से भारत को बड़ी राहत: सस्ता हो सकता है पेट्रोल, घट सकती है EMI, हवाई सफर भी होगा किफायती

नई दिल्ली, 17 जून (अशोक “अश्क”) अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर दुनिया भर…

ByByअशोक अश्क जून 17, 2026

भारत पर मंडराया तेल संकट का खतरा: G7 में रूस पर शिकंजा कसने की तैयारी, सस्ते तेल की सप्लाई पर संकट के बादल

नई दिल्ली, 17 जून (अशोक “अश्क”) फ्रांस में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन से भारत के लिए एक…

ByByअशोक अश्क जून 17, 2026

कनाडा में बिश्नोई गैंग की दहशत: मिठाई की दुकान पर फायरिंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुई जान से मारने की धमकी

नई दिल्ली, 12 जून (अशोक “अश्क”) कनाडा में एक बार फिर कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सुर्खियों…

ByByअशोक अश्क जून 12, 2026

नेपाल में बालेन शाह के बयान से भूचाल: नेपाल ने भी भारतीय जमीन पर किया अतिक्रमण, संसद से सड़क तक मचा सियासी घमासन

नई दिल्ली, 01 जून (सेंट्रल डेस्क) नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के एक बयान ने देश की राजनीति…

ByByअशोक अश्क जून 1, 2026

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top