नई दिल्ली, 09 अप्रैल (अशोक “अश्क”) भारतीय रेलवे हाई-स्पीड ट्रेनों के नए युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वंदे भारत ट्रेनों के बाद अब साल 2027 में अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन दौड़ेगी, जिसकी रफ्तार 320 किमी प्रति घंटे होगी। मौजूदा समय में देश की सबसे तेज़ ट्रेन का खिताब वंदे भारत के पास है, जो 80-120 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलती है, लेकिन यह नया प्रोजेक्ट यह रिकॉर्ड भी तोड़ देगा। रेलवे ने जल्द ही वंदे भारत से भी तेज रफ्तार वाली दो नई ट्रेनें बनाने की योजना बनाई है।

इन ट्रेनों का डिज़ाइन ऐसा होगा कि ये 220 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ सकें। 23 मार्च 2026 को रेलवे ने चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री को लिखी चिट्ठी में हाई-स्पीड ट्रेन निर्माण को मंजूरी दी। 16 बोगियों वाली हर ट्रेन का निर्माण 2027-28 तक पूरा होगा। हर कोच की कीमत 27.86 करोड़ रुपये और पूरी ट्रेन की लागत करीब 867 करोड़ रुपये होगी। कोच स्टील बॉडी के होंगे और ऑपरेशनल स्पीड 200 किमी प्रति घंटे तक होगी। देश में फिलहाल करीब 81 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जिनकी स्पीड 180 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है, लेकिन वर्तमान में ये 80-120 किमी प्रति घंटे ही दौड़ रही है।

रेल मंत्रालय ने बताया कि वंदे भारत ट्रेन का चौथा वर्जन 2027 में लॉन्च किया जाएगा। इसका ऑपरेशनल रूट अहमदाबाद-मुंबई तय किया गया है, जहां ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और कोच डिजाइन को हाई-स्पीड के अनुसार तैयार किया गया है। वंदे भारत 4.0 इस रूट पर 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी।इससे स्पष्ट है कि भारत की रेलवे उच्च गति और टेक्नोलॉजी के मामले में नई उड़ान भरने जा रही है, जिससे यात्रियों को तेज़ और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।














