नालंदा, 09 अप्रैल (अविनाश पांडेय) साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक रिटायर्ड शिक्षक से 6.20 लाख रुपये की ठगी कर सनसनी फैला दी है। मामला हरनौत थाना क्षेत्र के मुढारी गांव का है, जहां 31 मार्च 2026 को शिक्षक के मोबाइल पर आए एक कॉल ने उनकी जिंदगी की जमा-पूंजी पर चोट कर दी। कॉल करने वालों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए शिक्षक पर देशद्रोह और पुलवामा हमले से जुड़ा होने का आरोप लगाया।

इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए फर्जी ‘सीबीआई अधिकारी’, ‘जज’ और ‘वरिष्ठ पुलिस अधिकारी’ बनकर उन्हें मानसिक दबाव में लिया गया। अपराधियों ने दावा किया कि उनके खाते में अपराध का पैसा आया है और जांच के नाम पर रकम ट्रांसफर करनी होगी, जो बाद में वापस कर दी जाएगी। डरे-सहमे शिक्षक को लगातार धमकाया गया कि मोबाइल बंद किया तो अंजाम बुरा होगा। यहां तक कि व्हाट्सएप पर फर्जी नोटिस भी भेजा गया, जिस पर आरबीआई की मुहर तक लगी थी। दबाव में आकर शिक्षक ने आरटीजीएस के माध्यम से 6.20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

8 अप्रैल को पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। साइबर डीएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और मनी ट्रेल के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में ज्यादातर बुजुर्गों को निशाना बनाया जाता है। पुलिस ने अपील की है कि कोई भी एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती, इसलिए ऐसे कॉल से सतर्क रहें और तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

















