पटना, 28 मई (अविनाश कुमार) मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें अब और बढ़ती नजर आ रही हैं। मीरगंज थाना में दर्ज मामले में पुलिस ने अदालत से दो नई गंभीर धाराएं जोड़ने की अनुमति मांगी है। इसको लेकर एसीजेएम-1 सह विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 और 196 जोड़ने का अनुरोध किया है। धारा 111 संगठित अपराध से जुड़ी है, जबकि धारा 196 जाति और धर्म के आधार पर वैमनस्य फैलाने से संबंधित है।

इन धाराओं में दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की तफ्तीश के दौरान ऐसे कई तथ्य और साक्ष्य सामने आए हैं, जिनसे यह प्रतीत होता है कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। इसी आधार पर नई धाराएं जोड़ना जरूरी समझा गया है। गौरतलब है कि मीरगंज थाना में अनंत सिंह समेत उनके 9 समर्थकों के खिलाफ पहले से प्राथमिकी दर्ज है। उन पर हथियारों का प्रदर्शन करने और जाति-धर्म से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने का आरोप है। यह मामला दो और तीन मई का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित जनेऊ कार्यक्रम में विधायक अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे।

इसी दौरान कथित तौर पर हथियारों का प्रदर्शन और वीडियो प्रसारण हुआ, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।इधर, मामले में अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए एडीजे-3 की अदालत ने अनंत सिंह को फिलहाल राहत दी है। कोर्ट ने 30 मई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। हालांकि अब नई धाराएं जोड़ने की पुलिस की अर्जी पर अदालत में सुनवाई के बाद इस पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ सकती है।

















