समस्तीपुर, 06 अप्रैल (हर्षिता “अश्क”) पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल के यांत्रिकी विभाग (कैरेज एवं वैगन) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन कर रेलवे जगत में नई मिसाल कायम की है। परिचालन, रखरखाव और यात्री सेवा के क्षेत्र में विभाग की उपलब्धियों ने न केवल कार्यकुशलता बढ़ाई है, बल्कि यात्रियों का भरोसा भी मजबूत किया है। मंडल की सबसे बड़ी उपलब्धि अनियोजित कोच डिटैचमेंट में उल्लेखनीय कमी रही।

यह आंकड़ा 144 से घटकर 103 पर आ गया, जबकि सेकेंडरी डिटैचमेंट भी 54 से घटकर 45 हो गया। इससे ट्रेनों की समयपालन और संचालन की विश्वसनीयता में बड़ा सुधार दर्ज किया गया है। रखरखाव के क्षेत्र में भी विभाग ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। एसी कोचों की अकार्यकुशलता 4.41 से घटकर 4.05 और नॉन-एसी कोचों में 2.24 से घटकर 1.76 हो गई। यह बेहतर तकनीकी प्रबंधन और निगरानी का परिणाम माना जा रहा है। स्क्रैप निस्तारण में भी मंडल ने रिकॉर्ड बनाया है। फेरस स्क्रैप 44.67 मीट्रिक टन से बढ़कर 101.65 मीट्रिक टन और नॉन-फेरस स्क्रैप 2.15 से बढ़कर 5.94 मीट्रिक टन तक पहुंच गया, जिससे राजस्व में बढ़ोतरी हुई है।पिछले तीन वर्षों में कोच होल्डिंग 1084 से बढ़कर 1481 तक पहुंच गई है, जो क्षमता विस्तार का संकेत है।

सीमित संसाधनों के बावजूद 1191 TODs और 174 खाली रेक्स का सफल मेंटेनेंस किया गया, साथ ही नेपाल के IDBR में 104 BLC रेक्स का परीक्षण भी पूरा हुआ। रेल मदद प्लेटफॉर्म पर भी मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शिकायत निस्तारण में पूर्व मध्य रेल में पहला स्थान हासिल किया और पूरे भारतीय रेलवे में 10वें स्थान पर पहुंच गया। नवाचार और लागत बचत के उपायों से करीब 70 लाख रुपये की बचत हुई है। इन उपलब्धियों के साथ समस्तीपुर मंडल ने भारतीय रेलवे में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।















