नालंदा, 18 अक्टूबर (अविनाश पांडेय) पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया रविवार को अपने दो दिवसीय नालंदा दौरे के दौरान सपरिवार भगवान महावीर की पावन निर्वाण स्थली पावापुरी पहुंचे। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध जल मंदिर में विधि-विधान के साथ भगवान महावीर के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर देश-दुनिया में शांति, सद्भाव एवं समृद्धि की कामना की। दर्शन-पूजन के बाद राज्यपाल राजगीर स्थित वीरायतन के लिए रवाना हो गए, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। उनका 19 अक्टूबर को राजगीर से प्रस्थान का कार्यक्रम है। जल मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पावापुरी की पवित्र धरती केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का केंद्र है।

उन्होंने कहा कि करीब 2600 वर्ष पूर्व भगवान महावीर ने कठोर तपस्या और साधना के जरिए इसी पावन भूमि पर केवल ज्ञान प्राप्त किया था। यही वह भूमि है, जहां भगवान महावीर ने लगातार 48 घंटे तक श्रावक-श्राविकाओं और साधु-साध्वियों को देशना दी तथा चतुर्विध संघ की स्थापना की।राज्यपाल ने कहा कि आज दुनिया में अशांति का एक बड़ा कारण परिग्रह यानी अधिक से अधिक संग्रह करने की प्रवृत्ति है। यदि मानव समाज भगवान महावीर के पांच महाव्रत सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह को अपने जीवन में उतार ले, तो तनाव, वैमनस्य और आपसी विरोध को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को भगवान महावीर के ‘जियो और जीने दो’ तथा अनेकांतवाद के सिद्धांत को स्वीकार करना होगा।

इन्हीं सिद्धांतों के माध्यम से विश्व में शांति, सद्भाव और सहिष्णुता का वातावरण कायम किया जा सकता है।राज्यपाल के दौरे को लेकर पावापुरी और राजगीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि राज्यपाल के आवागमन मार्ग, जल मंदिर परिसर और वीरायतन में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों को प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।

















