• Home
  • मुख्य समाचार
  • 700 रुपये मजदूरी दो, लेबर कोड वापस लो: ताजपुर में मजदूरों का उफना गुस्सा, सड़कों पर उतरे सैकड़ों किसान
Image

700 रुपये मजदूरी दो, लेबर कोड वापस लो: ताजपुर में मजदूरों का उफना गुस्सा, सड़कों पर उतरे सैकड़ों किसान

समस्तीपुर, 20 मई (मोहम्मद जमशेद) देशव्यापी मजदूर हड़ताल के समर्थन में बुधवार को ताजपुर प्रखंड में मजदूरों और किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले विभिन्न पंचायतों से पहुंचे मजदूरों ने अपना कामकाज ठप कर बाजार क्षेत्र के जनता मैदान में विशाल जुटान किया। इसके बाद मजदूरों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए पूरे बाजार में प्रदर्शन किया। जनता मैदान से निकला विशाल जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पोखर चौक पहुंचा, जहां सभा का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के दौरान “मनरेगा बचाओ”, “मजदूर विरोधी नीति बंद करो”, “700 रुपये मजदूरी लागू करो” और “चारों लेबर कोड वापस लो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा को कमजोर कर मेहनतकश लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं। बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई ने गरीब मजदूरों का जीना मुश्किल कर दिया है।भाकपा माले जिला कमेटी सदस्य आसिफ होदा ने कहा कि सरकार द्वारा लागू किए गए चारों लेबर कोड “गुलामी का दस्तावेज” हैं। उन्होंने मनरेगा को प्रभावी ढंग से पुनर्बहाल करने, मजदूरों को 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने, सालभर पर्याप्त काम उपलब्ध कराने और आंदोलनरत मजदूरों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई। साथ ही जेल में बंद मजदूर नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई की भी मांग की गई।

सभा की अध्यक्षता कर रहे खेग्रामस प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता ने बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और खाद्य सामग्री की लगातार बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और सरकार राहत देने में विफल साबित हो रही है। सभा का संचालन मो. एजाज ने किया। उन्होंने कहा कि मजदूरों और किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, किसान, भाकपा माले और खेग्रामस कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

Releated Posts

सपनों की मेट्रो पर लगा ब्रेक: मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में अटकी परियोजना, दो साल बाद भी नहीं बनी डीपीआर

पटना, 15 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार के चार बड़े शहरों मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में प्रस्तावित मेट्रो…

52 साल बाद खत्म हुआ इंतजार: मुजफ्फरपुर को मिली पहली महिला डीटीओ, प्रशासनिक इतिहास में दर्ज हुआ नया अध्याय

मुजफ्फरपुर, 15 जुलाई (संतोष गुप्ता) जिले के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार एक महिला ने जिला परिवहन पदाधिकारी…

मौत के मोड़ का होगा अंत: मुजफ्फरपुर के सदातपुर में बनेगा 50 करोड़ का अंडरपास, जाम और हादसों से मिलेगी बड़ी राहत

मुजफ्फरपुर, 15 जुलाई (संतोष गुप्ता) लंबे समय से भीषण जाम और लगातार हो रहे सड़क हादसों के लिए…

सड़क पर हेलमेट नहीं तो कार्रवाई तय: शराब माफिया और अवैध खनन पर डीएम का बड़ा एक्शन, अधिकारियों को सख्त चेतावनी

नालंदा, 14 जुलाई (अविनाश पांडेय) जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंगलवार को जिला…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top