नालंदा, 26 जून (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड स्थित इंडोर शूटिंग रेंज, कल्याण बिगहा में आयोजित तीन दिवसीय 36वीं बिहार स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। बिहार राज्य राइफल संघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में राज्यभर से पहुंचे 372 निशानेबाजों ने अपने सटीक निशाने और शानदार प्रदर्शन से खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता में 10 मीटर एयर राइफल और 10 मीटर एयर पिस्टल की विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। समापन समारोह के मुख्य अतिथि बिहार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, राजगीर के कुलपति प्रो. शिशिर सिन्हा ने विजेता खिलाड़ियों को पदक एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि बिहार में निशानेबाजी का स्तर लगातार ऊंचा हो रहा है और राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, खेल भावना और नियमित अभ्यास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।प्रतियोगिता में पटना, नालंदा, सिवान, आरा, दरभंगा, बेगूसराय, मुंगेर सहित कई जिलों के क्लबों और शूटिंग अकादमियों के खिलाड़ियों ने ISSF एवं NR इवेंट्स में हिस्सा लिया। आईएएस एवं बिपार्ड के अधिकारियों से लेकर जूनियर, सब-यूथ वर्ग के बालक-बालिकाओं तक ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दिल्ली और बेंगलुरु से आए तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रतियोगिता का सफल संचालन किया।

नालंदा राइफल क्लब के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। गौरव भारती, रोहित राज, शिवम कुमार, तन्मय राज, आदित्य पटेल, प्रीति कुमारी, पुष्पंजय पटेल, गौरव कुमार, शिवप्रताप और प्रीतम कुमार ने विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया। पुरुष एयर राइफल में आरव सिंह ने स्वर्ण, रुद्रप्रताप सिंह राजपूत ने रजत और पुष्पंजय पटेल ने कांस्य पदक जीता। पुरुष एयर पिस्टल में संकल्प कुमार स्वर्ण, गौरव भारती रजत और आदित्य पटेल कांस्य पदक विजेता बने। महिला एयर राइफल में लावण्या श्रीवास्तव तथा महिला एयर पिस्टल में ऋषिका राज ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रेंज प्रभारी उमेश पासवान ने बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन अब सितंबर-अक्टूबर में पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित जोनल प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा। समारोह में तकनीकी विशेषज्ञों एवं अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बिहार में निशानेबाजी खेल तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
















