नई दिल्ली, 21 जून (अशोक “अश्क”) ट्राई सीरीज का रोमांच अब अपने चरम पर पहुंच गया है। रविवार को दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होने वाला यह मैच केवल ट्रॉफी की लड़ाई नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा और बदले की जंग भी माना जा रहा है। टूर्नामेंट में दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई है। खास बात यह है कि लीग चरण में दोनों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मुकाबला जीत चुकी हैं। ऐसे में खिताबी भिड़ंत को लेकर रोमांच चरम पर है। भारत की निगाहें 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी टिकी हैं, जो अब तक अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके हैं।

चार मैचों में 117 रन बनाने वाले वैभव फाइनल में बड़ी पारी खेलकर आलोचकों को जवाब देना चाहेंगे। इंडिया-ए ने अपने आखिरी लीग मैच में अफगानिस्तान-ए को 101 रन से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था। उस मुकाबले में प्रियांश आर्य, तिलक वर्मा और कुमार कुशाग्र ने अर्धशतक जड़े थे, जबकि निशांत सिंधु ने चार विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई थी। कप्तान तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़, आयुष बदोनी और कुमार कुशाग्र भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। गायकवाड़ ने इस सीरीज में सबसे ज्यादा 234 रन बनाए हैं। वहीं गेंदबाजी में निशांत सिंधु, अंशुल कम्बोज, अरशद खान और यश ठाकुर विपक्षी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।

दूसरी ओर मेजबान श्रीलंका-ए घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। अविष्का फर्नांडो शानदार फॉर्म में हैं और चार मैचों में 285 रन बनाकर सीरीज के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उनके अलावा निरोशन डिकवेला और सदीरा समरविक्रमा भी टीम की ताकत हैं। 15 जून को दोनों टीमों के बीच खेला गया मुकाबला टाई रहा था, जिसमें सुपर ओवर में श्रीलंका-ए ने जीत दर्ज की थी। उस मैच में तनाव, रोमांच और विवाद भी देखने को मिले थे। दांबुला की पिच शुरुआत में बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है, लेकिन बाद में स्पिनरों को सहायता मिल सकती है। ऐसे में फाइनल मुकाबले में रणनीति, धैर्य और दबाव झेलने की क्षमता जीत-हार तय करेगी।
















