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20 बेड की हाईटेक यूनिट पर लटका ताला: डुमरांव अस्पताल के औचक निरीक्षण में भड़के विधायक, डॉक्टरों की कमी पर जताई नाराजगी

बक्सर, 19 जुलाई (विक्रांत) डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल के शनिवार को हुए औचक निरीक्षण में स्वास्थ्य व्यवस्था की कई बड़ी खामियां उजागर हो गईं। स्थानीय विधायक राहुल कुमार सिंह ने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए एमएनसीयू (मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट) का नियमित संचालन नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है, लेकिन मानव संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। निरीक्षण के दौरान विधायक ने विभिन्न वार्डों और शौचालयों का जायजा लिया। कई शौचालयों में गंदगी और रखरखाव की कमी मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

एमएनसीयू वार्ड के निरीक्षण के दौरान विधायक ने पाया कि अत्याधुनिक मशीनों और 20 बेड से लैस यह यूनिट अधिकांश दिनों में बंद रहती है। इस पर उन्होंने प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. शिव कुमार चौधरी से जवाब तलब करते हुए पूछा कि इतनी महत्वपूर्ण यूनिट का नियमित संचालन आखिर क्यों नहीं हो रहा है। प्रभारी उपाधीक्षक ने बताया कि यूनिट को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम चार डॉक्टरों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल एक डॉक्टर तैनात हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कुमार सप्ताह में केवल दो दिन सेवाएं देते हैं, जिसके कारण शेष दिनों में यूनिट बंद रखनी पड़ती है।

उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व के उपाधीक्षकों द्वारा कई बार विभाग को डॉक्टरों और अन्य कर्मियों की मांग भेजी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने निर्देश दिया कि विभाग को दोबारा पत्र भेजा जाए और आश्वासन दिया कि वह स्वयं भी इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाकर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की पहल करेंगे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दवाओं के स्टॉक की जांच की और मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। मरीजों की शिकायतों के बाद विधायक ने अस्पताल प्रशासन को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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