नालंदा, 03 जून (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित मघड़ा गांव में हॉर्न बजाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि करीब 25 लोगों ने एक शिक्षक परिवार को घेरकर लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अनुभव वैद्य उर्फ प्रिंस की हालत चिंताजनक बनी हुई है। उन्हें इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती कराया गया है।पीड़ित रोहित कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वह विद्यापीठ कॉन्सेप्ट स्कूल एवं मां शारदा लाइब्रेरी के संचालक हैं। मंगलवार की रात वह अपने भाई तथा स्कूल के प्रिंसिपल मोहित कुमार के साथ साठोपुर से घर लौट रहे थे।

इसी दौरान मीठी कुआं के समीप कथित रूप से नशे की हालत में मौजूद कुछ लोगों ने रास्ता रोक लिया। घर नजदीक होने के कारण रास्ता खाली कराने के लिए उन्होंने हॉर्न बजाया, जिससे विवाद शुरू हो गया।आरोप है कि पहले गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद स्कूल शुल्क के 23,650 रुपये तथा मोहित कुमार के गले से करीब 13 ग्राम वजन की सोने की चेन छीन ली गई। विरोध करने पर आरोपियों ने अपने अन्य सहयोगियों को बुला लिया। पीड़ित पक्ष के अनुसार, कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग हथियारों से लैस होकर पहुंचे और हमला बोल दिया। ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से की गई मारपीट में अनुभव वैद्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना में नयनशी पांडेय, अनिता पांडेय, हर्ष राज, कृष राज और पंकज कुमार पांडेय समेत कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं।

परिवार ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने हवाई फायरिंग की, महिलाओं के साथ छेड़खानी की तथा शिकायत करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। घटना के बाद पूरे परिवार में दहशत का माहौल है। इधर, दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि मारपीट और रोड़ेबाजी की घटना को लेकर पीड़ित के बयान पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
















