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समस्तीपुर सदर अस्पताल बना तंदूर: मरीज हाथ पंखा झलने को मजबूर, कूलर और ठंडा पानी तक गायब

समस्तीपुर, 18 मई (हर्षिता “अश्क”) उमस भरी गर्मी ने सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड, महिला वार्ड और पुरुष वार्ड में भर्ती मरीज भीषण गर्मी से बेहाल हैं। छत पर लगे पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।स्थिति इतनी खराब है कि कई मरीज हाथ से पंखा झलते नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ लोग अपने घरों से स्टैंड फैन लाकर किसी तरह गर्मी से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर अस्पताल के अधिकारियों और कुछ कर्मियों के कमरों में एसी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी बढ़ रही है।

अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि मरीजों के लिए आठ कूलर खरीदे गए हैं और सभी वार्डों में लगाने की योजना है। लेकिन हकीकत यह है कि महिला और सामान्य वार्ड में अब तक कूलर नहीं लगाए जा सके हैं। सोमवार को अस्पताल की पड़ताल में कई महत्वपूर्ण स्थानों पर कूलर बंद मिले। महिला वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजन हाथों से पंखा झलते दिखाई दिए। प्रतीक्षालय की स्थिति और भी खराब है, जहां बिना पंखे और ठंडे पानी के मरीजों के स्वजन घंटों बैठने को मजबूर हैं। धुरलख निवासी रीता देवी ने बताया कि अस्पताल में गर्मी से राहत के लिए ठंडा पानी तक उपलब्ध नहीं है। वहीं मथुरापुर निवासी गौरव सुमन ने कहा कि उमस के कारण मरीजों की हालत और बिगड़ रही है।

अस्पताल प्रबंधक विश्वजीत रामानंद ने बताया कि मातृ एवं शिशु अस्पताल भवन में शिफ्टिंग की प्रक्रिया चल रही है, जिस कारण अस्थायी परेशानी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी। हालांकि मरीजों और परिजनों का आरोप है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि कई दिनों से बनी हुई है। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं, जिससे सदर अस्पताल की व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है।

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